भारत ने चला सबसे बङा दाव, अमेरिका ने भी UNSC में दिया भारत का साथ...


नई दिल्ली : हम आपको बता दें कि इस समय चीन और पाकिस्तान की जोड़ी भारत के खिलाफ बहुत कुछ करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन जो UNSC में इनकी इंटरनेशनल बेज्जती हुई है उसकी कोई मिसाल ही नहीं। और यह बेज्जती भारत द्वारा की गई है। 


एनएससी में चीनी एंबेसडर ने यहां तक कह दिया कि हम इससे परेशान हो चुके हैं भ्रष्ट हो चुके हैं क्योंकि भारत ने अपना सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र चलाया है और चीन को दो दो नए मोर्चों पर घेर लिया है। और आइए हम आपको बताते हैं 2 खबरें जिससे निश्चित तौर पर पहले भी किया जा सकता था लेकिन कुछ लोगों को इस बात पर गुस्सा भी आएगा कि भारत ने ऐसा पहले क्यों नहीं किया।

दरअसल हम आपको बता दें कि कुछ दिन पहले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में कराची में स्थित, पर जोरदार आतंकी हमला हुआ है जिससे पाकिस्तान की इंटरनेशनल इमेज इतनी खराब कर दी है कि वहां पर होने वाला इंटरनेशनल क्रिकेट इत्यादि और ऑटो एक्सपो होने तक की प्लानिंग, जो चीनी कंपनियों के सहयोग से करवाया जा रहा था और इस धमाके से पूरी दुनिया को यह संदेश पहुंच गया है कि जब पाकिस्तान के अपने स्टॉक एक्सचेंज पर धमाका हो सकता है तो बाकी चीजें कैसे सुरक्षित हो सकती है। 

और इसी वजह से चीन पाकिस्तान इंटरनेशनल मार्केट में थोड़ी बहुत इज्जत रखने के लिए UNSC में एक चार्टड चलाना चाह रहा था। और पाकिस्तान ने भी हमें आतंकवादी के खिलाफ कुछ करना चाहिए इस तरह की बातें करके कुछ ना कुछ करने की कोशिश भी की और इससे एक चीज और भी बाहर आ रही थी बलूचिस्तान में जो लिबरेशन आर्मी है उनके साथ पाकिस्तान जो क्रूर तरीके से निपट रहा है वह भी चीजें बाहर आ रही थी, उसे भी चीन UNSC में बचाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन अमेरिका ने इस बहाना का फायदा उठाते हुए यह ब्लॉक करवा दिया और बहाना जानिए क्या बनाया। अमेरिका ने कहा कि इसमें भारत का नाम क्यों इस्तेमाल किया गया। वैसे तो दर्शन रेगुलेशन में भारत का नाम नहीं था लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने भारत का नाम ले लिया था। और इसी बात का फायदा उठाते हुए अमेरिका ने ब्लॉक कर दिया। और अमेरिका ने कहा इसमें भारत का बेवजह नाम लिया आपने इसीलिए अब हम इसे पास नहीं होने देंगे I



दूसरी बड़ी खबर भारत ने चीन के खिलाफ एक और नया मोर्चा खोल दिया है। जिसकी उम्मीद पिछले 6 महीने से की जा रही थी। पहले तो भारत हमको में हो रहे दंगों पर काफी समय से चुप था लेकिन आखिरकार भारत ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और यह भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन की सेना कितनी मजबूत है उससे कई गुना मजबूत भारतीय डिप्लोमेटिक है। 

डिप्लोमेटिक में भारत का लोहा आप देख ही सकते हैं, जैसा कि चीन का पड़ोसी देश रूस ने भी उसका साथ नहीं दिया चीन ने करीब दुनिया में डेढ़ सौ देशों को लोन दिया है और 160 देशों को करीब अपने समर्थन में आने के लिए अप्रोच किया है लेकिन उनमें से एक भी नहीं आया।

भारतीय डिप्लोमेट ने एक बेहतरीन बहाना बनाते हुए चीन के हमक मामले पर निशाना साधते हुए कहा की हांगकांग में रह रहे भारतीय प्रवासी को उनकी आजादी पर प्रभावित करेगा। और चीन को इस पर बैग स्टेप लेना चाहिए। 







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