अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा बैन चीनी कैमरे लगवाकर फंसे केजरीवाल...


गलवान विवाद के बाद भारत में चीन और चीनी सामान का विरोध करने की आवाज तेज होती जा रही है। चीनी सामानों के प्रति लोगों का आक्रोश देखा जा रहा है। 



वहीं अब दिल्ली की सरकार CCTV कैमरे को लगाने को लेकर विवादों में घिरते नजर आ रही है। दरअसल दिल्ली सरकार ने अमेरिका और इंग्लैंड में बैन और ब्लैक लिस्टेड चीनी कंपनी Hikvision को CCTV कैमरा लगाने का ठेका दिया है। जिसे लेकर बीजेपी दिल्ली के केजरीवाल सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली बीजेपी ने मांग की है कि दिल्ली सरकार दिल्ली में CCTV कैमरे लगाने का ठेका चीन की कंपनी से वापस ले ले। 

बीजेपी नेता हरीश खुराना ने कहा दिल्ली सरकार ने दिल्ली में लगाए जाने वाले CCTV कैमरे का ठेका चीन की कंपनी Hikvision को दिया है जिसे अमेरिका और इंग्लैंड जैसे कई देशों में बैन कर दिया है। 

बीजेपी नेता हरीश खुराना का कहना है कि बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बयान जारी करते हुए कहा था कि हम देश में दो तरह की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक कोरोना से तो वही दूसरा चाइना से। यही वजह है कि बीजेपी अब केजरीवाल सरकार को CCTV मामले में घेर रही है। बीजेपी की ओर से मांग की गई है कि भविष्य में दिल्ली सरकार किसी चाइनीस कंपनी को टेंडर ना दें।
दरअसल चुनाव से पहले दिल्ली सरकार ने शुरुआती चरण में 1.4 लाख कैमरे लगाने का ठेका दिया था। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने दूसरे चरण में 1.4 कैमरे लगाने का ठेका दिया था। दिल्ली सरकार ने BEL को 320 करोड़ में कैमरे लगाने का ठेका दिया था जिसमें 1.40 लाख  CCTV कैमरे और मेंटेनेंस भी शामिल है।

इसके साथ ही कैमरे लगाने वाली कंपनी कोई भी कैमरा खराब होने के 24 घंटे के भीतर उसे ठीक करना होगा अन्यथा उन्हें 500 प्रति कैमरा हर दिन पेनल्टी लगेगी। दिल्ली सरकार के दस्तावेज में लिखा है कि दिल्ली में करीब डेढ़ लाख CCTV कैमरे लगाने का ठेका सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को दिया गया है। 2 सवाल यह है कि दिल्ली में अगर एक विजन के कैमरे लगते हैं तो उसका सीधे चीन की सरकार और चीनी आर्मी से संबंध है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इस कंपनी के असली मालिक चीन की सरकार है और ऐसी स्थिति में चीनी सरकार द्वारा चलाई जा रही कंपनी का कैमरा दिल्ली यानी देश की राजधानी में लगाना खतरे से खाली नहीं है। जब हमने दो हजार अट्ठारह के सालाना रिपोर्ट के अन्य खंगाले तो पता चलेगा कि कंपनी के कंट्रोलिंग शेयर होल्डर यानी असली मालिक चीन की सरकारी है। तो यह ना कोई गलत नहीं होगा कि चीन सरकार द्वारा चलाई जा रही कंपनी का CCTV कैमरा, देश की राजधानी में CCTV कैमरे लगाना खतरे से खाली नहीं।

इसके बारे में साइबर एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि चीन के कैमरे भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा है हालांकि दिल्ली में कैमरे के सबसे बड़े बाजार के कारोबारी विजय सेठी का कहना है कि चीन से आए यह CCTV कैमरा की कीमत 1200 से 3500 तक है। उनका कहना है कि चीन की यह कंपनियां भारत और दुनिया की कंपनियों द्वारा बेचे जा रहे CCTV कैमरे के दामों से लगभग आधे दाम में सप्लाई करती है और सभी कामरेड चीन से ही आते हैं। ऐसे में व्यापारी भी चाहते हैं कि चीन से आने वाला बाल बंद कर देना चाहिएI

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