जी हाँ पता चल गया है गलवान
घटी के मास्टरमाइंड का...
तो आपको बता दे की इस चीज
का पता अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग ने पता लगाया है और खुलासा भी किया है और साथ
में कुछ हिस्ट्री भी बताया है.
उस व्यक्ति का पता चल गया
है जो गलवान घाटी में भारतीय सेनिकों का घात लगाये बैठा था. जो वयक्ति इस प्लान का
मास्टर माइंड था उसके बारे में कुछ पर्सनल डिटेल्स भी साझा की गई है.
15 जून को गलवान घाटी में भारतीय
सेना पर हुए हमले के पीछे के मास्टर माइंड का पता लगाने की कोशिश जारी थी लेकिन अब
सफलता भी मिल गई है.- अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग को.
और आपको बता दे की अमेरिकी
ख़ुफ़िया विभाग के अनुसार इस व्यक्ति का नाम जनरल जहो जोंग्की (Gen. Zhao Zongqi) और ये चीन के वेस्टर्न
थिएटर कमांड के हेड है यानि आप इन्हें भारत से लगे सीमा के इन्हें प्रमुख भी कह
सकते है. इससे ये पता चलता है की वहा की सारी जिम्मेदारी इन्ही की होगी.
सवाल ये है कि इनका पता
कैसे चला दरशल इन्होने भारतीय सेनिकों के हाथों जो चीनी सेनिकों की मौत हुई थी उस
पर प्राथना सभा करवाई थी. और इसी के जरिये इंटेलिजेंस इनपुट अमेरिका को मिला. फिर
उन्होंने इसके बारे में और इस व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई.
इन्होने जो रिविल की है उसी
आधार पर आपको पता चल जायेगगा कि ये वयक्ति क्यों भारत पर हमला कर रहा है. 2016 में
भी डोकलाम हमले का यही व्यक्ति जिम्मेदार था और अब 2020 में भी गलवान घाटी का यही
वयक्ति है. और ये वयक्ति भारत के लिए बहुत बड़ा ख़तरा बना हुआ है.
दरअसल अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग
के अनुसार 1979 में जब चीन और वियतनाम का युद्ध हुआ था. उस दौरान ए व्यक्ति एक
लोकल कमांडर था. और इसके अंतर्गत एक बहुत बड़ा डिजास्टर हुआ था. उस डिजास्टर में
वियतनामी सेना ने चीनी सेना पर हमला किया था. जिसमे बहुत सारे चीनी सेनिक मारे गए
थे और ये ख़ुद को भी बहुत बाल बाल तरीको से बचा पाया था. और बुरी तरह घायल भी हुआ
था.
तब से कोई इसे पूछ भी नहीं
रहा था. उसके बाद जब जिम्पिंग 2013-14 में सत्ता में आये. तब इससे बहुत ज्यादा
पॉवर दी गई क्योंकि शी जिम्पिंग और ये थ्रेटर कमांडर दोनों एक ही प्रान्त से आते
है. और दोनों को बहुत ही करीबी भी माना जाता है. यहाँ तक की इसे शी जिम्पिंग के
आख, नाक और कान कहे जाते है PLA में...
और जनरल जहो जोंग्की को
केवल शी जिम्पिंग की ही नहीं बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी की भी बैक्किंग (BACKING)
की जरुरत पड़ती है. क्योंकि PLA भी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना के अंतर्गत आता है.
लेकिन बाद लोग कहने लगे कि
शी जिम्पिंग की वजह से ये व्यक्ति थ्रेटर कमांडर बना है. इसी वजह से इसने PLA एक
अपनी अलग पहचान बनाने के लिए 2016 में इसने डोकलाम में भारत की जमींन हथियाने के
लिए अटैक तो किया पर मुक्की खानी पड़ी. इससे उसकी बेजज्ती होने लगी फिर इसने दुबारा
PLA में पहचान बनाने के लिए गलवान घाटी में हमला करके भारतीय जमींन
हथियाने की कोशिश की है. इस तरह वह PLA को, मैं आपके काम लायेक हूँ दर्शाने के लिए,
बार बार भारतीय सीमा में घुसपैठ अथवा हमला करने की कोशिश करेगा.
और शी जिम्पिंग को एक न एक
दिन तो जाना ही है लेकिन बाद में इसने अपने कैरिएर को देखे हुए... PLA में अपनी
पकड़ बना चाहता है कि मैं ही PLA का प्रमुख और दावेदार व्यक्ति हूँ...
हो सकता ये भविष्य में फिर
से ऐसा कोई हमला करे, इससे भारत को सतर्क रहना होगा. क्या भारत भी अमेरिका की तरह
एसे व्यक्ति पर ऑफिसियल/ अनऑफिसियल विजिट पर बैन लगा दे... कमेंट करके अपना जबाब
दे.
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