नई दिल्लीः भारत चीन सीमा विवाद से चीनी सामान के बहिष्कार की मांग देश में तेजी से उठी है लेकिन गौर करने की बात यह है कि फिलहाल चीनी स्मार्टफोन के डिमांड पर इसका कोई असर दिख नहीं रहा है हाल ही में जैसे ही अमेजॉन पर वनप्लस ब्रांड लेटेस्ट स्मार्टफोन वनप्लस 8 प्रो की सेल शुरू हुई तो देखते ही देखते तो कुछ ही मिनटों में सारे हैंडसेट बिक गए यानी लोगों का विश्वास अभी भी चीनी कंपनियों पर बना हुआ है देखा जाए तो चीन के उत्पादों पर हमारी निर्भरता इतनी ज्यादा है इन से दूरी बनाना आसान नहीं लगता और वहीं दूसरी ओर शाओमी, ओप्पो, वीवो जैसी चीनी फोन कंपनियों के फोनों की एंट्री के बाद से पिछले कुछ सालों में पिछड़ चुके. हमारे भारतीय फोन कंपनियां एक बार फिर से वापसी की तैयारी कर रही है यानी चीनी स्मार्टफोन कंपनियों से सीधा टक्कर लेने की तैयारी में है I
होम बेस्ड हैंडसेट निर्माता कंपनी माइक्रोमैक्स, लावा, कार्बन देश में चीनी विरोधी भावनाओं का फायदा उठाते हुए. इस देश में अपने नए स्मार्टफोन लॉन्च करने की की तैयारी में जुटे हुए हैं,
वर्तमान में फीचर फोन के सेगमेंट में काम कर रही कारबन मोबाइल स्मार्टफोन बाजार में फिर से एंट्री करने जा रही है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक कारबन मोबाइल 10000 के सेगमेंट वाले स्मार्टफोन ला सकती है आपको बता दें इससे पहले माइक्रोमैक्स भी ट्विटर पर बजट स्मार्टफोन लाने की घोषणा कर चुकी है कार्बन भारत में पहले से ही 8 से 10 लाख फीचर फोन बेच रही है फीचर फोन और स्मार्टफोन दोनों सेगमेंट में काम कर रही लावा मोबाइल भी आने वाले दिनों में नए लांच की योजना बना रही है.
एक रिपोर्ट की मानें तो लावा जुलाई में दो नए स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है इसमें से एक स्मार्ट फोन लावा जेड 66 होगा जो 1.20GHz ऑक्टा कोर प्रोसेसर और 3GB रैम और एंड्राइड 10 के साथ आ सकता है काउंटरप्वाइंट रिसर्च के साथ जनवरी से मार्च के बीच 81 फ़ीसदी स्मार्टफोन की शिपमेंट चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की हुई है जबकि माइक्रोमैक्स और लावा जैसे भारतीय ब्रांडो की हिस्सेदारी अब 1% एक परसेंट है मात्र,
लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इनके मार्केट हिस्सेदारी में अब बढ़ोतरी हो सकती है और जल्द ही होगी इससे एक बात तो साफ हो जाती है कि आने वाले समय में देसी कंपनियों के लिए अच्छा होगा और स्थानीय कंपनियां वह कल फॉलो कल इसको पकड़ लेती है तो लेकिन चीनी स्माटफोन ब्रांड भी इतनी आसानी से हार मान जाए यह संभव नहीं और हो सकता है जल्द ही चीनी स्मार्टफोन कंपनियां भारत में अपनी विज्ञापन और मार्केटिंग इसी में बदलाव कर ऐसा होता है तो देसी देश में चीनी कंपनियों को देश की कंपनियों से अच्छा खासा टक्कर मिल सकता है और यह देखना हम सबके लिए दिल सच रहेगा .


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