(NEPAL) नेपाल में हिंदी पर पाबन्दी (BANNED) होने जा रहा है. आखिर नेपाल चाहता क्या है??
नेपाल हिंदुस्तान से सदियों पुराना रिश्ता तोड़ने पर लगा
हुआ है अरे नक्शा जारी किया और अब संसद में हिंदी बोलने पर भी पाबंदी लगाने की
दिशा में आगे बढ़ रहा है भारत के साथ राजनीतिक कूटनीतिक बातचीत के सारे रास्ते बंद
कर और भारत के साथ रहे पारिवारिक रिश्तो पर आघात पहुंचाने वह भारत के साथ अपनी
सीमाओं को बंद करने के बाद नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार और अदालत का सहारा
लेकर नेपाल की संसद में हिंदी में बोलने पर पाबंदी लगाने की तैयारी में है।
नेपाल को भारत के साथ बॉर्डर रोटी बेटी से
भाषा तक सभी जगह दिक्कत होने लगी है लेकिन चीन जो एक-एक कर उसकी जमीने रखता जा रहा
है उससे सवाल पूछने की बजाए नेपाल कहता है कि चीन के साथ अभी तक सब ठीक है लेकिन
हम हिंदी नहीं बोलेंगे सांसदों को संघीय संसद के दोनों सदनों में केवल नेपाली भाषा
बोलने की इजाजत देने की मांग की गई है क्योंकि वहां के सरकारी काम नेपाली भाषा में
होते हैं इतना ही नहीं अब तक जिन सांसदों ने संसद में हिंदी में भाषण दिए हैं उसे
संसद के रिकॉर्ड से हटाने की भी मांग की गई है ।
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