नई दिल्ली : देश में करोडो महिलाओं को
गोरा और खुबसूरत बनाने का दावा करने वाली कंपनी ने अपने क्रीम Fair & Lovely
का नाम बदलने का फैसला कर दिया है. हिंदुस्तान युनिलेवर लिमिटेड अपने इस 45 साल
पुराने क्रीम का अब नाम बदलने जा रही है.
दरअसल कंपनी ने अपने इस
प्रोडक्ट से Fair शब्द हटाने का फैसला कर लिया है. पिछले कई सालो से इस क्रीम पर
रंग भेदी होने कर आरोप लगता रहा है. आखिरकार इस क्रीम को बनाने वाली कम्पनी (हिंदुस्तान
युनिलेवर) ने अब इसका नाम बदलने का फैसला कर लिया है.
कंपनी ने अपने ट्विटर अकाउंट
से ट्विट करके इस बात की जानकरी देते हुए बताया की वो त्वचा को सुंदर बनाने के लिए
कई प्रोडक्ट बनाते रहे है. और कंपनी से फैसला किया है कि अब वो अपने इस प्रोडक्ट
के प्रिंटिंग आदि में अब से गोरापन शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगी. और साथ ही कंपनी
ने विज्ञापन और प्रचार में Fairness, Whitening और lightening जैसे शब्दों का
इस्लेमाल नहीं करेगी. साथ ही कंपनी ने फ्यूचर में Fairness, Whitening और
lightening जैसे शब्दों का कभी इस्लेमाल नहीं करने का वादा भी किया है. ने आने
वाले कंपनी के प्रोडक्ट के प्रचार और प्रसार आदि में कंपनी हर तरह के महिलाओ को
मौका देगी.
आपकी जानकारी के लिए बता दे
की हिंदुस्तान युनिलेवर ने 1975 में अपने त्वचा को सुंदर बनाने वाले प्रोडक्ट Fair
& Lovely ब्रांड को लोंच किया था.
देश में गोरेपन की क्रीम के
बाज़ार का 50-70% हिस्सा Fair & Lovely के पास ही है और Fair & Lovely ने
साल 2016 में 2000 करोड़ रु के क्लब में एंट्री की थी. युनिलेवर कंपनी सिर्फ Fair
& Lovely से ही भारत में सालाना 50 करोड़ रु से ज्यादा का कारोबार करती है.
पिछले कई सालो से इस खूबसूरती बढ़ाने वाले प्रोडक्ट पर विरोध रो रहा है, कई महिला
संगठनो ने भी इनका जम कर विरोध किया है. उनका कहना है की केवल गोरी महिला ही
खुबसूरत नहीं होती और किसी महिला का उसके रंग से उसकी खूबसूरती से आंकलन करना ठीक
नहीं है.
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