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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन किए गए
लॉकडाउन के खत्म होने के बाद अब अनलॉक शुरू हो गया है और देश में कारोबार भी
पटरी पर लौट रहा है इस बीच कामकाज के शुरू होने मैं सबसे बड़ी परेशानी बड़े
शहरों से अपने घर लौट चुके श्रमिकों और मजदूरों की कमी है यह हाल अचानक 24 मार्च को
लॉक डाउन होने से प्रवासी मजदूरों के पास अपने शहर और गांव वापस लौटने के अलावा
कोई और चारा नहीं था लॉकडाउन की शुरुआत होते ही फैक्ट्रियों में बिना किसी नोटिस
के काम होना बंद हो गया दुकानें बंद हो गई इंस्ट्रक्शन का काम होना बंद हो गया
और मजदूर वापस अपने घर को जाने को मजबूर हो गए अब जब unlock की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है कंपनियां इन्हें वापस बुलाना के
लिए रियायत देने में लग गई है जिनमें उनके ग्राम प्रधान को भरोसा दिलाने के साथ
मजदूरों को सुरक्षा देने का वादा भी शामिल है यहां तक कि मजदूरों के आने जाने की
पूरी व्यवस्था का ख्याल रखने को कंपनियां तैयार है मजदूरों को वापस लाने के लिए
बस और ट्रेन से आगे बढ़कर कंपनियां अब फ्लाइट से भी कंपनियां मजदूरो को वापस लाने की तैयारी कर रही हैं.
मजदूरों की कमी से
कई कंपनियों को कई परेशानियों का सामना करना भी पड़ रहा है कच्चे माल पैकेजिंग
मैटेरियल और लॉजिस्टिक की कमी की वजह से फार्मा कंपनियों में भी काम ठीक से नहीं
हो पा रहा है फार्मा कंपनियां क्षमता का 40 फ़ीसदी इस्तेमाल कर पा रही हैं इंडस्ट्री
के जानकारों के मुताबिक ज्यादातर कारोबार मजदूरों की कमी से जूझ रही है अभी तक
तकरीबन 80000 से 90000 ही खुल पाई है ऐसे में 15000 करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान होने का
अनुमान लगाया जा रहा है गौर करने वाली बात यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में
संगठन क्षेत्र के लगभग 45 करोड़ मजदूरों में से करब 30 फ़ीसदी प्रवासी
मजदूर शामिल है जो गांव छोटे शहरों और पिछड़े इलाकों से काम की तलाश में बड़े
शहरों में जाते हैं ऐसे में लॉकडाउन के दौरान न रोजगार न राशन और ना ही किसी मदद के मजदूर घर की
ओर पलायन करने को मजबूर हो गए लॉकडाउन में सरकार ने मुफ्त राशन बांटने का काम भी
किया है पर बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को राशन नहीं मिल सका जो पलायन का बड़ा
कारण बना अब जो कंपनियों को मजदूरों की जरूरत पड़ी तब कंपनियां मजदूरों को रहने
खाने के साथ तमाम तरह की सुख सुविधाएं मुहैया कराने की बात कर रही है इतना ही
नहीं मजदूरों को वापस लाने के लिए दोनों जगह के अधिकारियों से इजाजत ले रही है
लेकिन कोरोना से डरे मजदूरो अभी शहरोँ की तरफ जाने से कतरा रहे हैं.
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